Saturday, June 5, 2010

MAA

आज मम्मी की पुण्य तिथि में इस अवसर पर माँ पर कोई लम्बी चोडी कविता ना लिखकर केवल दो पंक्तियों में अपनी बात कहता हु जहाँ तक में मानता हु कविता दो पंक्तियों में भी पूरी हो जाती हे  लीजिये मेरी छोटी सी कविता उन सब के लिए जो मेरे जेसे हे

माँ क्या होती हे , यह उनसे पूछो

जिनके माँ नहीं होती हे .

Friday, June 4, 2010

HAMARA VIKASH (our development) a vyang lekh

हमने विकाश कर लिया एसा लगभग कुछ समय से लग रहा हे, या हो गया ,जो हो जाता हे उसको कर लेना भी एक महान कार्य हे
महान इसलिए की महान हे अब यो क्यों हे यह जानना जरुरी नहीं हे , हमारे अखबारों ने ,टीवी चेन्नल ने , उन परम्परागत पुराने विषयों को छोड़ दिया जिनसे हम घबराते थे या जिनसे पार्टी सत्ता में आती थी अब पूरा हिंदुस्तान इन टी वि चेंनलो के कारण खुश हे  की हमने विकाश  कर लिया हम गुड फिल करने लगे पहले ग़रीबो,बेरोजघारो पर चर्चा होती थी जूठ मुठ ही सही विचार तो होता था ,अब नहीं होता ये विषय  ही ख़त्म हो गया सारा समाज चिंतित था अब नहीं हे . हमने सीने पर  हुए फोड़े पर कुरता पहन लिया हम कुरते में सुंदर दिखने लगे जेसा वो दिखाते हे हम देखते हे , जेसा वो सुचवाते  हे हम सोचते हे ,

पिछले दिनों पूरा भारत परेशान था समज  में नहीं आ रहा था अब क्या होगा अख़बार वाले टी वि वाले लगातार नज़र रख रहे थे बार बार यही दिखाया जा रहा था आम जनता परेशान हे क्या करे ,क्या नहीं करे, निर्णय नहीं ले पा रही थी की सानिया की शादी होगी या नहीं और होगी तो केसे होगी , अब जब देश में इतनी भारी टेंशन हो तो गरीबी,नक्सलवाद,बेरोजगारी,के बारे  में  कैसे  सोचे अब पहले सानिया की शादी से निपटे की इन फालतू समस्या से, सानिया से, समस्या का क्या हे वो तो ६० सालो में नहीं निपटी तो अब क्या निपटेगी ,दरअसल हम भारतीय भोले लोग हे इतने भोले की पड़ोस में रामलाल की शादी भी होतो हम नाचना शुरू कर देते हे खेर हम भी घर की शादी का जश्न भूलकर टी वि पर सानिया की शादी देखने लग गए( आखिर हमने विकाश करलिया )

Thursday, June 3, 2010

vishesh safai abhiyan

में दफ्तर पहुंचा ठीक ११.४० मिनट पर यही हम कर्तव्यनिस्थ का standerd टाइम हे दफ्तर में गया तो वहां कोई नहीं था एकदम सन्नाटा मेने चपड़ासी  को घर पर फोन किया वो नहा रहा था . मुजे एहसास हुआ की वो मुजसे भी ज्यादा कर्तव्यनिस्थ निकला थोड़ी देर बाद उसका फ़ोन आ गया बोला बाबूजी क्या बात हे क्यों क्यों सुबह सुबह परेशां कर रहे हो मेने कहा रे आज दफ्तर में कोई नहीं हे क्या बात हे बोला बाबूजी आपका तो दिमाग ख़राब हे कल सी. एम्. साहब ने क्या कहा था मालूम नहीं? मेने कहा नहीं ,वो बोला सी. एम्. साहब ने कहा था आज से पुरे  प्रदेश में विशेष सफाई अभियान चलाया जायेगा ,  इसलिए सब के सब साफ हो गए.