Wednesday, July 10, 2013

Monday, January 7, 2013

चलो भाई हम भी अब लाफ्टर शो का हिस्सा हो ही गए




कल तक कुर्ते पहन कर कविता करता था मंचो पर कोई कवि नहीं मानता था अब ठीक हे
बहुत दिनों के बाद अहमदाबाद में राजकुमार जी के सानिध्य  में एक बेहतरीन कवी सम्मलेन में काव्य पाठ  करने का मौका
मिला 

जिन्दगी कहा से कहा ले जाती हे कल तक उन्ही कविता को जो गलियों में चोपालो पर सुनाता था आज विदेश में जय हो प्रभु आपकी